डेनऑरेंज इंजेक्शन
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी है

परिचय
डेनऑरेंज इंजेक्शन हेल्थकेयर प्रोफेशनल द्वारा दिया जाता है और इसे खुद से नहीं लगाना चाहिए. इसका अधिकतम लाभ पाने के लिए आपको रोज नियमित रूप से तय समय पर इसका इस्तेमाल करना चाहिए. इसका इस्तेमाल डॉक्टर द्वारा बताए गए अनुसार जारी रखें और डोज़ को पूरा करें, चाहे आप बेहतर महसूस कर रहे हों. ज्यादा असरदार बनाने के लिए, इस दवा के साथ इलाज के दौरान कैल्शियम और विटामिन डी सप्लीमेंट की पर्याप्त मात्रा लें.
इस दवा के कुछ सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं सिरदर्द, हाथ-पैर में दर्द, मस्कुलोस्केलेटल पेन, नसों में दर्द , कब्ज, और रैश. अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट समय के साथ ठीक नहीं होता है या स्थिति अधिक खराब हो जाती है तो अपने डॉक्टर से बात करें. इन लक्षणों की रोकथाम के या उनको कम करने के तरीकों से आपका डॉक्टर आपकी मदद कर सकता है.
यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह दवा आपके लिए सुरक्षित है, इसे लेने से पहले, अपने डॉक्टर को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताएं, जिनका इस्तेमाल आप कर रहे हैं. गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली माताओं के लिए इस दवा को खाने से पहले डॉक्टरों की सलाह मांगना आवश्यक है.
डेनऑरेंज इंजेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
डेनऑरेंज इंजेक्शन के फायदे
ऑस्टियोपोरोसिस में
डेनऑरेंज इंजेक्शन के साइड इफेक्ट
डेनऑरेंज के सामान्य साइड इफेक्ट
- रैश
- मस्कोस्केलेटल पेन (हड्डियों, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द )
- एक्जिमा
- श्वसन तंत्र के उपरी हिस्से में संक्रमण
- साइटिका
- हाथ-पैर में दर्द
- पीठ दर्द
- जोड़ों का दर्द
- यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन
- कब्ज
- पेट में परेशानी
- बाल झड़ना
- हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (हाई कोलेस्ट्रॉल)
- सिस्टाइटिस
- नसों में दर्द
- सिरदर्द
डेनऑरेंज इंजेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
डेनऑरेंज इंजेक्शन किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप डेनऑरेंज इंजेक्शन लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- डेनऑरेंज इंजेक्शन एक दवा है जिसका इस्तेमाल हड्डियों के पतला होने (जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है) का इलाज करने के लिए किया जाता है.
- <Product1> लेने के दौरान कैल्सियम और विटामिन डी लें इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है.
- अगर आप गर्भवती हैं या गर्भवती बनने की योजना बना रही हैं तो न लें.
- जबड़े की एक दुर्लभ समस्या (ओस्टियोनेक्रोसिस) हो सकती है, जिसे अधिकांशतः डेंटल प्रक्रिया के बाद देखा जाता है. अगर आपको अचानक मसूड़ों में दर्द होता है तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- डेनऑरेंज इंजेक्शन भी संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है. जुकाम, फ्लू या अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित लागों के करीब जाने से बचें.
- अगर आप डेनऑरेंज इंजेक्शन लेते समय रैश विकसित करते हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- डेनऑरेंज इंजेक्शन एक दवा है जिसका इस्तेमाल हड्डियों के पतला होने (जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है) का इलाज करने के लिए किया जाता है.
- <Product1> लेने के दौरान कैल्सियम और विटामिन डी लें इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है.
- अगर आप गर्भवती हैं या गर्भवती बनने की योजना बना रही हैं तो न लें.
- जबड़े की एक दुर्लभ समस्या (ओस्टियोनेक्रोसिस) हो सकती है, जिसे अधिकांशतः डेंटल प्रक्रिया के बाद देखा जाता है. अगर आपको अचानक मसूड़ों में दर्द होता है तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- डेनऑरेंज इंजेक्शन भी संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है. जुकाम, फ्लू या अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित लागों के करीब जाने से बचें.
- अगर आप डेनऑरेंज इंजेक्शन लेते समय रैश विकसित करते हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं.
फैक्ट बॉक्स
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आप डेनऑरेंज इंजेक्शन पर कितने समय तक रह सकते हैं?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन से बाल झड़ना होता है?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन कीमोथेरेपी दवा है?
डेनऑरेंज इंजेक्शन कैसे दिया जाता है और कितनी बार?
क्या गर्भावस्था के दौरान डेनऑरेंज इंजेक्शन लिया जा सकता है?
डेनऑरेंज इंजेक्शन को कैसे स्टोर किया जाना चाहिए?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन से ओस्टिओनेक्रोसिस ऑफ द जॉ होता है?
आप डेनऑरेंज इंजेक्शन पर कितने समय तक रह सकते हैं?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन से बाल झड़ना होता है?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन कीमोथेरेपी दवा है?
डेनऑरेंज इंजेक्शन कैसे दिया जाता है और कितनी बार?
क्या गर्भावस्था के दौरान डेनऑरेंज इंजेक्शन लिया जा सकता है?
डेनऑरेंज इंजेक्शन को कैसे स्टोर किया जाना चाहिए?
क्या डेनऑरेंज इंजेक्शन से ओस्टिओनेक्रोसिस ऑफ द जॉ होता है?
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- Friedman PA. Agents Affecting Mineral Ion Homeostasis and Bone Turnover. In: Brunton LL, Chabner BA, Knollmann BC, editors. Goodman & Gilman’s: The Pharmacological Basis of Therapeutics. 12th ed. New York, New York: McGraw-Hill Medical; 2011. p. 1299.
- Briggs GG, Freeman RK, editors. A Reference Guide to Fetal and Neonatal Risk: Drugs in Pregnancy and Lactation. 10th ed. Philadelphia, PA: Wolters Kluwer Health; 2015. p. 370.







