इफायक्लार 500mg इंजेक्शन
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी है

परिचय
<Product1> कुछ संक्रमणों (जैसे मैक या माइकोबैक्टीरियम एवियम कॉम्प्लेक्स) के खिलाफ प्रभावी है जो कम प्रतिरक्षा वाले लोगों में देखे जाते हैं. यह बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है, जिससे आपके लक्षण ठीक हो जाते हैं तथा इन्फेक्शन का इलाज होता है. यह दवा मुह के जरिए ली जाती है. इसे भोजन के एक घंटे पहले या 2 घंटे बाद लेना ठीक रहता है. इस दवा को लेने के 2 घंटों के भीतर कोई एंटासिड नहीं लेना चाहिए. अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित अनुसार समान अंतराल पर नियमित रूप से इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए. बेहतर महसूस होने के बावजूद भी दवा की कोई खुराक ना छोड़ें और इलाज का कोर्स पूरा खत्म करें. दवा बहुत जल्द बंद करने से इन्फेक्शन वापस हो सकते हैं या बिगड़ सकते हैं.
इस दवा के सामान्य साइड इफेक्ट में डायरिया, मिचली आना , स्वाद में बदलाव, अपच, पेट में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, और रैश शामिल हैं. यह आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ कम हो जाते हैं. अगर आपके साइड इफेक्ट ठीक नहीं होते या फिर लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करें.
अगर आपको पहले कभी एलर्जी हो चुकी है या हृदय से जुड़ी कोई समस्या रही है तो इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर को सूचित करें. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.
इफायक्लार इंजेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
इफायक्लार इंजेक्शन के फायदे
बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में
यह दवा आमतौर पर आपको जल्द ही बेहतर महसूस कराती है. हालांकि, आपको बेहतर महसूस होने के बाद भी सुझाई गई अवधि तक इसे लेना जारी रखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी बैक्टीरिया मारे जा चुके हैं और इनमें प्रतिरोध विकसित नहीं हुआ है.
इफायक्लार इंजेक्शन के साइड इफेक्ट
Common side effects of Ifyclar
- पसीना आना
- सूजन
- रैश
- मिचली आना
- उल्टी
- सिरदर्द
- इंजेक्शन साइट फ्लेबिटिस
- अनिद्रा (नींद में कठिनाई)
- स्वाद में बदलाव
- डिस्पेप्सिया
- स्वाद में बदलाव
- एब्नार्मल लीवर फंक्शन टेस्ट
- पेट में दर्द
- डायरिया
इफायक्लार इंजेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
इफायक्लार इंजेक्शन किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप इफायक्लार इंजेक्शन लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- आपके डॉक्टर ने आपके संक्रमण को ठीक करने और आपकेलक्षणों में सुधार करने के लिए इफायक्लार 500mg इंजेक्शन दी जाती किया है.
- इसे हेल्थकेयर प्रोवाइडर की देखरेख में ड्रिप के रूप में दिया जाता है.
- बेहतर महसूस होने के बावजूद भी दवा की कोई खुराक ना छोड़ें और इलाज का कोर्स पूरा खत्म करें. इसका सेवन जल्दी बंद कर देने से संक्रमण दुबारा हो सकता है और फिर इलाज में कठिनाई होती है.
- साइड इफेक्ट के तौर पर दस्त होना शुरू हो सकता है लेकिन कोर्स पूरा हो जाने के बाद दस्त होना रूक जाना चाहिए. अपने डॉक्टर को सूचित करें यदि रूक नहीं रहा है या आपको मल में रक्त मिल रहा है.
- अगर आपको इफायक्लार 500mg इंजेक्शन लेते समय खुजली रैश , सूजन चेहरे, गले या जीभ पर सूजन या सांस लेने में कठिनाई होती है, तो इसे लेना बंद कर दें और तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं.
फैक्ट बॉक्स
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इफायक्लार 500mg इंजेक्शन का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?
इफायक्लार 500mg इंजेक्शन कैसे काम करता है?
इफायक्लार 500mg इंजेक्शन को काम करने में कितना समय लगता है?
क्या इफायक्लार 500mg इंजेक्शन का इस्तेमाल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) के इलाज के लिए किया जा सकता है?
क्या मैं इफायक्लार 500mg इंजेक्शन के साथ एंटासिड ले सकता/सकती हूं?
क्या इफायक्लार 500mg इंजेक्शन गर्भनिरोधक गोलियों को प्रभावित करेगा?
मुझे मिचली आना और उल्टी का अनुभव हो रहा है. क्या यह इफायक्लार 500mg इंजेक्शन के कारण है?
इफायक्लार 500mg इंजेक्शन के कुछ गंभीर साइड इफेक्ट क्या हैं?
क्या क्लैरिथ्रोमाइसिन एमोक्सिसिलिन के समान है?
Disclaimer:
टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. हालांकि, यहां निहित जानकारी का उपयोग एक योग्य चिकित्सक की सलाह के लिए विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.रिफरेंस
- Chambers HF, Deck DH. Tetracyclines, Macrolides, Clindamycin, Chloramphenicol, Streptogramins, & Oxazolidiones. In: Katzung BG, Masters SB, Trevor AJ, editors. Basic and Clinical Pharmacology. 11th ed. New Delhi, India: Tata McGraw Hill Education Private Limited; 2009. pp. 800-801.
- Briggs GG, Freeman RK, editors. A Reference Guide to Fetal and Neonatal Risk: Drugs in Pregnancy and Lactation. 10th ed. Philadelphia, PA: Wolters Kluwer Health; 2015. pp. 287-89.






