एक्सएस कैप्सूल
परिचय
एक्सएस कैप्सूल आपके मूड को बेहतर बनाकर और एंग्जायटी व तनाव से राहत देकर लोगों को डिप्रेशन से रिकवर करने में मदद करता है. इसका इस्तेमाल बुलिमिया नर्वोसा (एक ईटिंग डिसऑर्डर) के इलाज के लिए भी किया जाता है, जिसमें यह बिंज-ईटिंग और पर्जिंग (उल्टी) को कम करता है.
डोज़ और कितनी बार आपको इसकी ज़रूरत है यह आपके डॉक्टर द्वारा बताए जाएंगे ताकि आपको अपने लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए सही मात्रा मिल सके. डॉक्टर आपको कम खुराक से शुरू कर सकता है और धीरे-धीरे इसे बढ़ा सकता है. अपने डॉक्टर से बात किए बिना, डोज़ न बदलें या इसे लेना बंद न करें, चाहे आप अच्छा महसूस कर रहे हों. ऐसा करने से आपकी स्थिति और भी खराब हो सकती है या आपको अप्रिय विड्रौल लक्षण (एंग्जायटी, बेचैनी, घबराहट, चक्कर, सोने में परेशानी आदि) हो सकते हैं.
अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए, इस दवा को नियमित तौर पर लें तथा हर दिन एक ही समय पर लें. आपको बेहतर महसूस करना शुरू होने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं. अगर आप 4 सप्ताह के बाद भी कोई सुधार नहीं देखते हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं. एक्सएस कैप्सूल के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट में मिचली आना , अपच , मुंह सूखना, थकान, भूख में कमी, बढ़ा हुआ पसीना आना, साइनसाइटिस, अनिद्रा (नींद में कठिनाई), उबासी लेना, और असामान्य सपने शामिल हैं. कम सैक्सुअल ड्राइव देर से स्खलन, और इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसे सैक्सुअल साइड इफेक्ट भी देखे जा सकते हैं. अगर आप अचानक से कोई असामान्य मूड का बिगड़ना या खुद को नुक्सान पहुँचाने वाले विचार विकसित करते हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को बता दें.
इस दवा को लेने से पहले, अगर आपको एपिलेप्सी (दौरों का विकार या फिट), डायबिटीज, लिवर या किडनी का रोग, हृदय संबंधी समस्याएं या ग्लूकोमा है, तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. ये आपके इलाज को प्रभावित कर सकती हैं. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे लेने से पहले डॉक्टर से भी परामर्श करना चाहिए. कुछ अन्य दवाएं इसके काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती हैं, विशेष रूप से अन्य एंटीडिप्रेसेंट और माओ इनहिबिटर्स नामक दवाएं. कृपया अपने डॉक्टर को उन सभी दवाओं के बारे में बताएं जिन्हें आप सुरक्षित रहने के लिए ले रहे हैं.
एक्सएस कैप्सूल के मुख्य इस्तेमाल
एक्सएस कैप्सूल के फायदे
पैनिक डिसऑर्डर के इलाज में
एक्सएस कैप्सूल के साइड इफेक्ट
एक्सएस के सामान्य साइड इफेक्ट
- भूख में कमी
- डिप्रेशन
- सेक्स की इच्छा में कमी
- मिचली आना
- गले में खराश
- पसीना आना
- झटके लगना
- कमजोरी
- उबासी लेना
- असामान्य सपने
- देर से स्खलन
- ड्राइनेस इन माउथ
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन
- अपच
- इन्फ्लुएंजा जैसा सिंड्रोम
- अनिद्रा (नींद में कठिनाई)
- घबराहट
- नींद आना
- साइनस संक्रमण
एक्सएस कैप्सूल का इस्तेमाल कैसे करें
एक्सएस कैप्सूल किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप एक्सएस कैप्सूल लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- एक्सएस कैप्सूल को सुबह के समय लें, यदि आप इसे रात में देर से लेते हैं तो आपको सोने में परेशानी आ सकती है.
- पहली बार जब आप इसे लेना शुरू करते हैं तो इससे एंग्जायटी और बेचैनी हो सकती है.
- इससे वजन घट सकता है और भूख कम लग सकती है.
- जब तक आपको पता न हो कि एक्सएस कैप्सूल का आप पर क्या प्रभाव होता है, तब तक ड्राइव या ऐसा कुछ न करें, जिसमें एकाग्रता की आवश्यकता होती है.
- अगर मूड में अचानक बदलाव नज़र आये या आत्महत्या का विचार आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
- अगर आपको ऑर्गेज़म होने में समस्या हो रही हो या आपकी सेक्स की इच्छा में कमी आई है तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- एक्सएस कैप्सूलकी लत लगने की संभावना बहुत कम होती है.
- डॉक्टर के परामर्श के बिना अचानक से दवा लेना बंद न करें क्योंकि इससे घबराहट, एंग्जायटी और डिस्फोरिया हो सकता है.
फैक्ट बॉक्स
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक्सएस कैप्सूल क्या है? इसका उपयोग किस लिए किया जाता है?
क्या एक्सएस कैप्सूल से नींद आना होता है?
क्या एक्सएस कैप्सूल से वजन बढ़ता है?
क्या एक्सएस कैप्सूल से आपको थकान हो जाती है?
क्या एक्सएस कैप्सूल से मिचली आना होता है?
मैं एक्सएस कैप्सूल को कितने समय के लिए ले सकता/सकती हूं?
क्या मैं पैरासिटामॉल के साथ एक्सएस कैप्सूल ले सकता/सकती हूं?
क्या मैं गर्भनिरोधक गोलियों के साथ एक्सएस कैप्सूल ले सकता/सकती हूं?
क्या एक्सएस कैप्सूल व्यसनीय है?
क्या गर्भावस्था के दौरान एक्सएस कैप्सूल का इस्तेमाल सुरक्षित है?
संबंधित आयुर्वेदिक सामग्रियां
Disclaimer:
टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. हालांकि, यहां निहित जानकारी का उपयोग एक योग्य चिकित्सक की सलाह के लिए विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.रिफरेंस
- Stahl SM, editor. Fluoxetine. In: Stahl's Essential Pschopharmacology: Prescriber's Guide. 5th ed. New York, New York: Cambridge University Press; 2014. pp. 247-52.
- Briggs GG, Freeman RK, editors. A Reference Guide to Fetal and Neonatal Risk: Drugs in Pregnancy and Lactation. 10th ed. Philadelphia, PA: Wolters Kluwer Health; 2015. pp. 563-70.