जिपकोज टैबलेट
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी हैपरिचय
ब्लड में दवा का उचित लेवल बनाए रखने के लिए जिपकोज टैबलेट को प्रत्येक दिन एक निश्चित समय पर लेने की सलाह दी जाती है. अगर आप कोई खुराक लेना भूल गए हैं, तो जैसे ही आपको याद आए, उसे ले लें. अगर आप बेहतर महसूस करने लगे हैं, तब भी अपनी खुराक न छोड़ें और इलाज का कोर्स पूरा करें. यह आवश्यक है कि डॉक्टर से बात किए बिना इस दवा को अचानक बंद न किया जाए क्योंकि इससे आपके लक्षणों की स्थिति और भी खराब हो सकती है.
इस दवा के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट में रैश , मिचली आना , पैरेस्थेसिया (झुनझुनी या चुभन जैसा महसूस होना) , पोश्चुरल हाइपोटेंशन ( लो ब्लड प्रेशर) और चक्कर आना शामिल हैं. अगर आप इनसे परेशान हैं या स्थिति गंभीर होती जा रही है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. उन्हें कम करने या रोकने के तरीके हो सकते हैं.
इसे लेने से पहले, अगर आप स्तनपान करा रही हैं, अगर आपको कभी भी वजाइनल ब्लीडिंग या लिवर या थायरॉइड से संबंधित कोई समस्या रही है तो आप अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताएं. आपके डॉक्टर को अन्य सभी दवाओं के बारे में भी जानना चाहिए जो आप ले रहें हैं क्योंकि इनमें से कई इस दवा को कम प्रभावी बना सकती हैं या इसके काम करने के तरीके को बदल सकती हैं.
जिपकोज टैबलेट के मुख्य इस्तेमाल
जिपकोज टैबलेट के फायदे
पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) के इलाज में
जिपकोज टैबलेट के साइड इफेक्ट
जिपकोज के सामान्य साइड इफेक्ट
- रैश
- मिचली आना
- पैरेस्थेसिया (झुनझुनी या चुभन जैसा महसूस होना)
- पोश्चुरल हाइपोटेंशन ( लो ब्लड प्रेशर)
- चक्कर आना
- फ्लशिंग (चेहरे, कान, गर्दन और शरीर में गर्मी महसूस होना)
- सूजन
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी
जिपकोज टैबलेट का इस्तेमाल कैसे करें
जिपकोज टैबलेट किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप जिपकोज टैबलेट लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- जिपकोज टैबलेट पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम और इससे जुड़े लक्षणों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है.
- अगर आपको डायबिटीज है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें, क्योंकि जिपकोज टैबलेट के लंबे समय तक उपयोग या अधिक प्रयोग से हाइपोग्लाइसीमिया (निम्न रक्त शर्करा) हो सकता है.
- यदि आप बिस्तर से उठने या खड़े होने पर हल्का सिरदर्द, चक्कर या बेहोशी महसूस करते हैं, तो धीरे-धीरे उठें.
फैक्ट बॉक्स
यूजर का फीडबैक
Disclaimer:
टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. हालांकि, यहां निहित जानकारी का उपयोग एक योग्य चिकित्सक की सलाह के लिए विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.रिफरेंस
- Dong BJ, Greenspan FS. Thyroid & Antithyroid Drugs. In: Katzung BG, Masters SB, Trevor AJ (Editors). Basic and Clinical Pharmacology. 11th ed. New Delhi, India: Tata McGraw Hill Education Private Limited; 2009. pp. 665-680.
- Brent GA, Koenig RJ. Thyroid and Antithyroid Drugs. In: Brunton LL, Hilal-Dandan R, Knollmann BC (Editors). Goodman & Gilman’s: The Pharmacological Basis of Therapeutics. 13th ed. New York, NY: McGraw-Hill Education; 2018. pp. 787-801.
- Nolin TD, Friedman PA. Agents Affecting Mineral Ion Homeostasis and Bone Turnover. In: Brunton LL, Hilal-Dandan R, Knollmann BC (Editors). Goodman & Gilman’s: The Pharmacological Basis of Therapeutics. 13th ed. New York, NY: McGraw-Hill Education; 2018. pp. 887-906.
- Bikle DD. Agents That Affect Bone Mineral Homeostasis. In: Katzung BG, Masters SB, Trevor AJ (Editors). Basic and Clinical Pharmacology. 11th ed. New Delhi, India: Tata McGraw Hill Education Private Limited; 2009. pp. 753-772.



